Tuesday , September 18 2018

मीडिया की देन – घर बन रहे कोठे

एक तरफ अन्ना हजारे का आंदोलन चल रहा था, तिरंगा लहरा रहा था, वंदे मातरम् गूँज रहा था। एक शानदार मार्केटिंग हो रही थी। सभी चैनल प्रतियोगिता कर रहे थे। वहीं बीच-बीच में विज्ञापन के नाम पर एक दूसरी मार्केटिंग हो रही थी। वही मार्केटिंग, जिसके लिए चैनल वालों ने …

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सिसकती अरावली

मैं अरावली हूँ। भारत की सबसे पुरानी पर्वत शृंखला। मैं तो तब से हूँ, जब सागर की लहरें राजस्थान के पश्चिमी भाग तक आती थीं। तब यहाँ टैथिस सागर था। लेकिन अचानक जमीन ऊँची उठी, तो सागर मुझसे बिछुड़ गया। सागर की जगह रेगिस्तान पसर गया है। अब पानी की …

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अलवर जिला

अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसा अलवर जिला भारत के इतिहास के कई सुनहरे पन्नों का साक्षी रहा है। जब भारत में १६ महाजनपद थे, तब उनमें से एक महाजनपद था,मत्स्य जनपद, जिसकी राजधानी बैराठ(जयपुर) थी। वर्तमान अलवर जिले का संपूर्ण क्षेत्र इस महाजनपद में शामिल था। अन्य क्षेत्रों …

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खेती को लाभकारी कैसे बनायें

मित्रों, भारत में खेती को लाभकारी बनाने के लिए मेरे अनुसार निम्न बातों पर विचार किया जाना चाहिए.      हमें एक साधारण विषय को उलझन से बाहर निकालना चाहिए. एक किसान अपने परिवार के साथ आराम से जीवन यापन कर सके, यही विषय है. निराशात्मक बातों से माहौल को खराब …

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राजनैतिक पर्यटन – राजस्थान के परदेशी जन प्रतिनिधि

‘पधारो म्हारे देश’  हमारे अतिथियों, चुनाव लड़ने के लिए राजस्थान आओ। आतिथ्य या गुलामी ?           हम सदा सुनते और कहते आये हैं कि हमारा प्यारा प्रदेश राजस्थान  अपने ‘आतिथ्य’ के लिए विश्व भर में जाना जाता है। इसी ‘आतिथ्य’ की दुहाई देकर हम पर्यटकों को राजस्थान आने का न्योता …

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सूचना का अधिकार, एक और बिन मांगा अधिकार

क्या आपने प्रयोग किया है?          हमारे पाठकों से सीधा सा प्रश्न। उनसे इसलिए क्योंकि आपको ही जागरूक नागरिक कहा जाता है। प्रश्न यह कि क्या आपने कभी सूचना के अधिकार का प्रयोग किया है? किया है, तो बहुत अच्छी बात है। नहीं किया है, तो क्या आपकी इस …

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जागो! सवेरा कब का हो चुका है

जश्न में जोश नहीं              15अगस्त और 26जनवरी के उत्सवों में अब आम जनता की रुचि लगभग समाप्त सी हो गयी है। अब यह उत्सव मनाने का ‘काम’ स्कूलों और फ़ौजियों-पुलिसवालों को सौंप दिया गया है। उनके लिए भी यह ‘उत्सव’ न होकर ‘काम’ हो गया है। शेष बचे कर्मचारियों …

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अभिनव शिक्षा में पाठ्यक्रम

मूल विषय  समाज के लिए आवश्यक ज्ञान के सृजन के लिए किसी भी काल में निम्न पांच मूल प्रश्नों पर ध्यान देना होता है – १. समाज की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के लिए कैसे ज्ञान का सृजन हो? २. शिक्षा केन्द्रों की रचना कैसी हो? ३. शिक्षकों की …

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अभिनव राजस्थान

अवतारवाद से जनजागरण की ओर,                                    जनजागरण से स्वशासन की ओर,                                                                     स्वशासन से वास्तविक विकास की ओर हमारे लक्ष्य  1. राजस्थान को भारत का सबसे समृद्ध प्रदेश बनाना। 2. भारत को विश्व की प्रमुख ताकत बनाना। हमारे उद्देश्य  1. राजस्थान के कृषि एवं उद्योग के उत्पादन को बढ़ाना,                                         …

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