Tuesday , June 18 2019

धारणाएँ बदलें ताकि समाधान निकले 2

रोचक राजस्थान के प्रत्येक अंक में धारणाओं पर मंथन का प्रयास हो रहा है। हमारे शोध में यह निष्कर्ष निकला है, कि गलत धारणाएँ अकसर समस्या समाधान में सबसे बड़ी बाधा बनकर उभरती है। इन धारणाओं की उत्पत्ति गलत व्याख्याओं से हो जाती है। फिर जब ये व्याख्याएँ निहित स्वार्थों …

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राजस्थान का मनोविज्ञान

धरती के किसी भी कोने में निवास करने वाले व्यक्ति की मनोदशा पर कई प्रभाव पड़ते हैं। इतिहास, संस्कृति, भूगोल और सामाजिक परम्पराएं, हमारे मन पर गहरा असर डालती हैं और हमारा एक साझा व्यक्तित्व विकसित हो जाता है। भारत में अभी भी मनोविज्ञान पर अधिक ध्यान नहीं दिया गया …

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अभिनव सुरक्षा – राजस्थान का पुलिस तंत्र कैसा हो?

आप चकित हो जायेंगे यह जानकर कि राजस्थान की पुलिस में काम कर रहे अधिकारियों-कर्मचारियों में से 95 प्रतिशत अच्छे हैं। आप कहेंगे कि यह तो बिल्कुल झूठ है। पुलिस निकम्मी है, भ्रष्ट है। जी नहीं, ऐसा है नहीं । फिर वही गलत धारणा की बात। एक बार बन गयी, …

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अभिनव स्वास्थ्य – स्वस्थ राजस्थान का मार्ग

राजस्थान का प्रत्येक निवासी कैसे स्वस्थ रह सकता है, इस पर हमारे स्वास्थ्य विभाग की फाइलें भरी पड़ी हैं। विभिन्न पंचवर्षीय योजनाओं में भी बाबुओं ने लच्छेदार बातें की हैं और इन पर अनाप-शनाप खर्च भी हुआ है। लेकिन आज भी गाँवों व शहरों में किसी परिवार में किसी परिजन …

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अभिनव शासन – स्वशासन, लोकशासन

अभिनव राजस्थान में शासन कैसा होगा? आसान है कि वर्तमान शासन प्रणाली में हम कमियां ढूँढ़ते रहें, परन्तु हमारे सपनों की शासन व्यवस्था की रचना पर विस्तृत मंथन थोड़ा कठिन है। राजनीति शास्त्र और लोक प्रशासन के जानकारों का ज्ञान, उनकी किताबों या क्लासों में सिमट गया है। शासन प्रशासन …

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अभिनव गाँव – विकसित राजस्थान की नींव

मूल रूप से हमारा देश और प्रदेश गाँवों और शहरों में बंटा हुआ है। प्रदेश में 40 हजार से अधिक गाँव हैं और 222 शहर-क़स्बे हैं। प्रत्येक गाँव व क़स्बे का अपना विशिष्ट भूगोल इतिहास और परम्परा है, जिसके कारण इनकी आवश्यकताएं भी अलग हैं। हालांकि हमारे योजनाकार स्थानीयता को …

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हमारा राजस्थान – था कभी भारत की शान

राजस्थान के सात करोड़ लोगों में से कितने इस बात को जानते हैं कि हमारा प्रदेश भारतवर्ष का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता था। तब भले ही इसे राजस्थान नहीं कहा जाता था, परन्तु एक साझी संस्कृति ने इस भू-भाग को विशिष्टता दे रखी थी। भारत की अर्थव्यवस्था की धुरी …

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आजाद भारत की अजीब दास्तान

ये कहां आ गए हम यूं ही साथ चलते-चलते सिलसिला फिल्म में अमिताभ और रेखा जब यह गीत गायें, तब तक तो ठीक है, लेकिन भारत की सवा अरब जनशक्ति ऐसा समझे, तो गंभीर विषय बन जाता है। यूं ही साथ चलते-चलते! जी हाँ, यूं ही साथ चलते-चलते आज हम …

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अभिनव राजस्थान के बढ़ते कदम 1

2009-10 से शुरू हुए हमारे अभियान की अब तक की प्रगति कितनी है? कुछ खास नहीं। वजह? हमारी रणनीति, जिसके तहत हम इस अभियान को तीन चरणों में चलाना चाहते हैं? पहले चरण में हमें केवल अभिनव राजस्थान की धारणा को बाँटना है, इस विचार पर सहमति बनानी है। एक …

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धारणाएँ बदलें, ताकि समाधान निकले 1

कहते हैं कि लोकतंत्र में तथ्यों से अधिक धारणाएँ महत्वपूर्ण हो जाती हैं। मानवीय स्वभाव गणित के नियमों से परे होता है। आसपास के वातावरण से कई बार हम इतने प्रभावित हो जाते हैं, जैसे खोपड़ी में बसा दिमाग केवल भावनाओं से चलने वाला चुम्बक मात्र है। ऐसे में धारणाओं …

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