इधर सुनता हूँ कि मोदीजी से जितनी और जैसी उम्मीद थी, वैसा कुछ हुआ नहीं. फिर सुनता हूँ कि अरविन्द केजरीवाल भी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे. राजस्थान को लेकर अब वसुंधरा राजे से नाराजगी भी कई लोग दर्शाते हैं. आजकल राहुल गांधी की तरफ फिर से कईयों की नजर …
विस्तार से पढ़े»बुद्धि का उपयोग समाज और देश हित में
एक होता है बुद्धिजीवी, अपने नाम का अनर्थ करता हुआ, एक हजार वर्ष से भारत को डुबोता हुआ. भारत को भ्रमित करता हुआ, भारत को छलता हुआ. आज देश के समाधानों की राह में वह सबसे बड़ा रोड़ा है. ईश्वर और सरस्वती ने उसे वरदान दे दिया, बुद्धि औसत से …
विस्तार से पढ़े»भारत का भयावह भ्रम
पेंच यहीं है और गहरा है. भारत का सबसे बड़ा भ्रम, जो है सभी समस्याओं की जड़ में. आप किसी पुराने से मकान के पास से रोज गुजरते हैं. लोग इसके खिड़की दरवाजे तोड़कर ले जाते हैं, आपको कोई फर्क नहीं पड़ता. लोग यहाँ गन्दगी करते हैं, आपको क्या. आपको …
विस्तार से पढ़े»हिन्दू-मुस्लिम एकता का क्या अर्थ है ?
मुझे हिन्दू-मुस्लिम एकता में कोई रुचि नहीं. मुझे नहीं लगता कि इस विषय का अलग से महिमामंडन होना चाहिए.इस देश में रहने वाले सभी समूहों को प्रेम से रहना चाहिए.और देश को मजबूत करना चाहिए, जीवन को समृद्ध बनाना चाहिए. मैं समझता हूँ कि यह इस देश में एक बड़ा …
विस्तार से पढ़े»भारत के तथाकथित पढ़े लिखे(?) और अच्छे व्यक्ति(?) के बहाने.
कुछ समय पहले तक हम यह बात सुनते थे और मानते भी थे कि समझदार या अच्छे व्यक्ति का राजनीति में प्रवेश मुश्किल है या फिर यह कि उनके काम करने के लिए यहाँ की राजनीति में स्वस्थ माहौल नहीं है. लोग दारु और पैसे में बिकते हैं, टिकिट जुगाड़ …
विस्तार से पढ़े»सनसनीखेज (Sensational) पत्रकारिता के दुष्प्रभाव (side effects)
मीडिया की कई ख़बरें सनसनी sensation के चक्कर में, अक्सर सच्चाई को ढक देती है. कई बार समाज का, किसी व्यक्ति, या संस्था का बड़ा नुकसान भी हो जाता है. दुष्कर्म, बलात्कार, दुर्घटना, धोखाधड़ी, रिश्वत आदि की ख़बरें. हम रोज सुबह ऐसी ख़बरें पढते हैं. अनजाने में ही सही शीर्षक …
विस्तार से पढ़े»भारत देश – विश्व शिखर पर
दुनिया की सबसे तेज मिसाइल (सुपरसोनिक), ब्रह्मोस, भारत ने ही बनाई है. और वह एक मात्र देश भारत ही है, जिसने पानी के भीतर से सुपरसोनिक मिसाइल सटीक निशाने पर दागी है. कहते हैं कि किसी भी समाज या देश का संचार तंत्र (मीडिया) निराशा का माहौल भी बना सकता …
विस्तार से पढ़े»लोकतंत्र की पहली जरूरत
अपने क्षेत्र को जानो, अपने शहर-गांव-गली को जानो डॉ. अशोक चौधरी 94141-18995 पिछले दिनों मैं डीडवाना (नागौर) में था। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों की एक अनौपचारिक बैठक थी। हम ‘अभिनव राजस्थान अभियान’ के बारे में चर्चा करने को इकट्ठे हुए थे। बातों-बातों में शहर की समस्याओं पर बात होने …
विस्तार से पढ़े»अमेरिका और राजस्थान – एक तुलना
आशु राड़ (अटलांटा, यू एस ए) आशु से हमारा परिचय फेसबुक के माध्यम से हुआ है. वे नागौर जिले की लाडनूं तहसील के खंगार गांव से हैं. साधारण किसान परिवार में जन्मे आशु ने जोधपुर से कंप्यूटर साइंस में इंजीनीयरिंग की डिग्री ली है. बाद में उन्होंने अमेरिका की प्रतिष्ठित एमोरी यूनिवर्सिटी से …
विस्तार से पढ़े»असली आजादी की आहट ……..
15 अगस्त पर विशेष डॉ. अशोक चौधरी (94141-18995) एक और पन्द्रह अगस्त आ गया। बचपन से सुनते आये हैं कि इस दिन भारत देश को आजादी मिली थी। हमें यह बताया गया है कि गांधी और नेहरु ही इस आजादी के नायक थे। तब यह नहीं बताया गया था कि …
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अभिनव राजस्थान Abhinav Rajasthan आपां नहीं तो कुण, आज नहीं तो कद ?